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यार सारे हैं मेरे तूफानी

यार सारे मेरे तूफानी हैंअरे मुझको तो यारी निभानी है।इक सज्जन मिले थे मुझे खानदानी।वो कहने लगे इक गल है बतानी।।लफंगे हैं तेरे सभी दोस्त सुनले।रहना बचके इनसे मेरी बात गुनले।।हैं रोटी सेंकू ये।लगते हैं फेंकू ये।।दिखते हैं लुच्चे ये।लगते हैं तुच्चे ये।।यार सारे हैं तेरे ससुर नाती।अरे दुनिया ये हमको है भड़काती।।*तो तूने क्या कहा*यारों की यारी दिखानी हैं।मुझको तो यारी निभानी है।।इनसे शुरू होती इनपे खतम होती।रिश्ता है ऐसा जैसे बोतल में रम होती।।यार सारे मेरे तूफानी हैं।हमको तो यारी निभानी है।।हैं नीचा दिखाती सभी रिश्तेदारी।मुसीबत में आती है सिर्फ काम यारी।।सुख में साथ देते है दुःख में साथ देते हैं।जब भी मैं भटका मुझे थाम लेते हैं।।मेरे यारों की ऐसी कहानी है।अरे हमको तो यारी निभानी है।।जैसे भोले बच्चे ये हैं दिल के अच्छे हैं।नही धागे कच्चे ये हैं दिल के सच्चे हैंजब भी बुलाता हूं ये दौड़े आते हैं।जब रूठ जाता हूं मुझको मनाते हैं।।केसर की खुशबू से ये जाफरानी हैंअरे हमको तो यारी निभानी है।। डॉ.अमन शुक्ला "शशांक"

अमन शुक्ला शशांक - देहरादून

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तिरंगा

मै सदा प्रणाम करता हूँ इस तीन रंग रंगे को। शीष नवाकर निकलता हूँ घर से मै तिरंगे को। ये शीष झुकता है तो झुकता वतन के चरणों में। ग़द्दारी न रक्त में मेरे न ही है आचरणों में। आचरण...

सत्ता का चमत्कार

सत्ता का है चमत्कार और सत्ता की प्रभुताई है। गलियारों से खींच के मुझको संसद तक ले आई है।। लिखना शुरू किया था मैंने भारत देश की माओं से। बूढ़ी माँ की आँशू और भारत की सीमाओं से।...

अमन शुक्ला शशांक | पचपेड़वा कवि सम्मेलन

https://youtu.be/i_uwBxit1G8