Poetry is my soul, passion and profession. I can't alive without poetry because poetry in my blood.
I want you all read my poetry and comment on my poem.
चंद्रशेखर
लिंक पाएं
Facebook
X
Pinterest
ईमेल
दूसरे ऐप
वीर बली वो बहुत ही बुद्धिमान था ।
वो क्रांतिवीर देश का सपूत वो महान था।।
डरती थी पूरी अंग्रेजी हुकूमत जिससे।
भारती का लाल चन्द्रशेखर आज़ाद था।।
अमन शुक्ला शशांक
राम राम राम राम राम जपता हूं सदा, मुझको पता है राम नाम क्या चीज हैं। राम जी के नाम पर वही करें राजनीति, बुद्धिमत्ता वाले ताले जिनके सभी सीज हैं।। राम जी के जन्म का प्रमाण मांगते हैं,उल्लू, बातें उतनी करेंगे जितनी तमीज है। राम जी पे प्रश्न चिन्ह जितने लगाते सब, निशाचरी प्रवत्ति के सारे रक्तबीज हैं।। डॉ.अमन शुक्ला शशांक
अब तक अदालतों की कालाबाजारी पर से कवियों का ध्यान कुछ भटक सा गया था लेकिन अब और नही। अदालतों के चक्करों में बीत जाती सारी उम्र। न्याय के लिए यहां पे बीत जाती सारी उम्र।। लगता फैसले के पहले इंसा मर जाएगा। किंतु कोई आशा नहीं न्याय मिल पाएगा।। अदालतों की कुर्सियां हैं धूल के चपेट में। आम आदमी है पेशकारों की लपेट में।। नही कोई बात न्यायाधीश को बताने दें। अधिवक्ता के बिना जो कोर्ट में न आने दें।। शर्मसार संविधान को किए हुए हैं वो। 20 या पचास रूपये में बिके हुए हैं जो। न्याय- व्याय ,काले धंधे, बस यही सीख मिले। 20 या पचास रूपये देके जब तारीख मिले।। ऐसा नहीं न्यायाधीशों को पता नही है ये। लेखनी कवि की फालतू की कथा नही है ये।। चूस चूस खून अधिवक्ता हुए मालामाल।। (चक्कर काट आदमी होता रोज ही हलाल।) तारीख पे तारीख यहां मिलती है सालों साल। बेगुनाहों का यहां पे होता बुरा हाल है। माफियाओं को जेलों में मिलती फ्राई दाल है।। विष के समान है माहौल परिवेश का।। ऐसा घिसा पिटा है कानून मेरे देश का। ऐसे घिसे पिटे नियमों में सुधार कीजिए। कानून के काले पन्ने फाड़ फेंक दीजिए।। हर इक धार...
राम धमनियों में बहते अतुलित रक्त का हैं प्रवाह। राम बसे अंतस में मेरे मेरी सांसे हैं गवाह।। हैं राम धरा और राम गगन और राम मिलेंगे चहूँ ओर। मन का कुहास जो हट जाए तो दिखेंगे चहूँ ओर।। राम मिलेंगे तुमको भी जो सबरी माता को जानो। राम मिलेंगे तुमको भी पहले तुम खुद को पहचानो।। मन को पापी करने वालों राम न ऐसे दिखते हैं। जीवन श्रापी करने वालों राम न ऐसे दिखते हैं।। राम के दर्शन पाने को खुद पुण्य कमाना पड़ता है। दुनिया के असहायों पर खुद प्रेम लुटाना पड़ता है।। राम के दर्शन पाने को मर्यादा,आदर्श जगाना पड़ता है। राम के दर्शन पाने को ,खुद को राम बनाना पड़ता है।। Dr Aman shukla "Shashank" Book a show :- 9721842302
टिप्पणियाँ