मुक्तक

जफा हो इश्क में साहब तो केवल जान जाती है।
मुक्कमल आशिकी हो तो तेरी पहचान जाती है।।
मोहब्बत सारी दुनिया में नही इसकी तरह कोई।
जरा सा पास में बैठो तो जननी मान जाती है।।
डॉ.अमन शुक्ला शशांक

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