सैनिकों का पुण्य।

पूजनीय आज जो हैं और वंदनीय आज।
उन सभी ने राष्ट्र पे जान भी लुटाई है।।
राष्ट्रहेतु मिट गए वो राष्ट्र सर्वश्रेष्ठ है।
राष्ट्र को पुनः ये ख्याति वीरों ने दिलाई है।।
थी गोली खाई छातियों पे किन्तु वो झुके नहीं
वीरता से दुश्मनों की हस्तियां मिटाई है।।
भाल पे मां भारती के आज जो लगा तिलक।
शहीद व सैनिकों के पुण्य की कमाई है।।
डॉ.अमन शुक्ला शशांक

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