शाम होते ही तेरा इंतजार है

मेरा दिल तेरा तलबगार है।
कैसी बेवफाई तेरा कैसा प्यार है।।
मैं तुझसे दूर जाना चाहता हूं मगर।
शाम होते ही तेरा इंतजार है।।

डॉ. अमन शुक्ला शशांक

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